रात को सपने में उसे परी दिखाई दी । वह बोली "तुम बहुत दयालु हो। तुमने खुद भूखे रहकर उस पेड को बचाया। आज के बाद तुम कभी भूखे नहीं रहोगे। यह कहकर परी ने छडी घुमाई और उसका कुल्हाड़ा सोने का हो गया।"
लकड़हारे की आंख खुली तो उसने सोचा कि यह सिर्फ़ सपना होगा पर वह हैरान रह गया । उसका कुल्हाड़ा कोने में रखा चमचमा रहा था।
उसने कुल्हाड़े को बेचकर एक बाग खरीद लिया। अब उसके बाग में पक्षी फल खाते किलकारी करते। बाग से जो आमदनी होती उसमें से घरखर्च के लिए रखकर बाकी धन वह गरीब जरुरतमंदों में बांट देता।
उसकी दयालुता से परी बहुत खुश
लकड़हारे की आंख खुली तो उसने सोचा कि यह सिर्फ़ सपना होगा पर वह हैरान रह गया । उसका कुल्हाड़ा कोने में रखा चमचमा रहा था।
उसने कुल्हाड़े को बेचकर एक बाग खरीद लिया। अब उसके बाग में पक्षी फल खाते किलकारी करते। बाग से जो आमदनी होती उसमें से घरखर्च के लिए रखकर बाकी धन वह गरीब जरुरतमंदों में बांट देता।
उसकी दयालुता से परी बहुत खुश