दांतों की परी / Daton Ki Pari Story / दांतों की परी की कहानी २०२०

दांतों की परी दिखाएं

 

 

दांतों की परी  एक शहर में रीना और मीना नाम की बच्चियां अपने मम्मी पापा के साथ में रहती थी। रीना 6 साल की थी और मीना 9 साल की थी। दोनों बहुत ही नटखट थी।

 

 

 

एक  दिन की बात है मीना और रीना अपनी मम्मी-पापा के साथ में रात का भोजन कर रही थी।  तभी रीना का दांत हिलने लगा और उसे भोजन करने में परेशानी होने लगी।

 

 

 

उसने अपनी मम्मी से कहा, ” नहीं मैं  भोजन नहीं करूंगी। मेरा दांत टूटने वाला है।  ” तब  उसकी मम्मी ने उसे समझाया, ” बेटा आप मुंह के दूसरी तरफ से जहां दांत दर्द नहीं कर रहा है उस तरफ से भोजन करो।  सब के दांत टूटते हैं और फिर नए दांत आते हैं और हां जब तुम्हारे दांत टूट जाए तो उसे तकिए के नीचे रख देना।  इससे दांतों की परी आएगी और तुम्हें आसमान में  घुमाने  ले जाएगी। ”

 

 

परी स्टोरी इन हिंदी

 

 

 

क्या सच में दांतो की परी आती है ? रीना ने कहा।  इस पर उसकी मम्मी ने कहा, ” हां सच में दांतों की परी आती है, लेकिन वह सिर्फ उन्हीं बच्चों के पास आती है जो अच्छे से भोजन करते हैं।  ” उसके बाद रीना ने खुशी-खुशी भोजन कर लिया।

 

 

 

 

जब रीना मुंह धोने के लिए गई तो उसका दांत और भी तेजी से हिलने लगा और वह टूट गया। रीना को अपनी मम्मी की बात याद आ गई।  उसने टूटे हुए दांत को तकिए के नीचे रखा और सो गई।

 

 

 

रात को उसके कमरे की खिड़की खुली और कुछ आहट हुई। आहट सुनकर रीना  की नींद खुल गई। उसने देखा एक परी सामने पर ही खड़ी थी।  वह  बहुत खूबसूरत थी।  उसने चमकीला ड्रेस पहना हुआ था  और उनके  पंख भी थे।

 

 

 

परी ने कहा रीना मैं दाँतों की परी हूँ ।  तुम अपने टूटे हुए दांत मुझे  दे दो और मैं तुम्हे आसमान में  घुमाने ले जाऊंगी। रीना बड़ी खुशी हुई। उसने अपने टूटे हुए दांत परी  को दी।

 

 

 

उसके बाद परी ने अपनी जादुई छड़ी से रीना को भी नन्ही परी  बना दिया और उसे लेकर बादलों के बीच में आ गयी और उसके बाद वे दोनों खूब  घूमी।  कुछ देर बाद  दोनों वापस आ गए।

 

 

 

 

 

उसके बाद परी ने रीना को वापस उसके रूप में ला  दिया और जब परी  जाने लगी तब रीना ने कहा अब आप फिर कब आओगी ? परी  ने कहा, ” जब तुम्हारे दूसरे दांत टूट जाएंगे तो फिर मैं उन्हें लेने आऊंगी।  ”

 

 

 

इसके बाद परी  चली गई।  सुबह हुई रीना ने यह बात अपने मम्मी पापा और अपनी बड़ी बहन मीना को भी बताया।  इससे मीना भी बहुत खुश हुई।  उसने कहा, ” मेरे  भी दांत टूटने वाले हैं। अब मैं भी उसे अपने तकिए के नीचे रखूंगी और परी आएगी  तो मैं भी उसके साथ बादलों में घुमाने जाउंगी।  ”

 

 

 

 

कुछ दिन बाद मीना के दांत टूट गए। उसने दांतो को अपने तकिए के नीचे रखा और सो गई।  लेकिन रात को उसकी छोटी बहन रीना  दाँतों को चुरा लिया। वह परी से मिलना चाहती थी।

 

 

 

उसने दांतो को अपने तकिए के नीचे रखा और सो गई।  कुछ देर बाद उसकी नींद खुली उसे ऐसा लगा जैसे उसके सारे दांत टूट गए हो। उसने तुरंत ही शीशे में देखा तो उसके सारे दांत टूट गए थे।

 

 

 

 

वह तो नहीं लगी।  तब तक मीना भी जाग गई और तभी वहां दांतो की परी भी आ गई। तब रीना ने उससे कहा,” मेरे सारे दांत टूट गए हैं।  अब क्या होगा ?”

 

 

 

तब परी ने कहा, ”  तुमने  चोरी की है।  तुमने मीना के दांत चुराए।  तुम्हें इसकी सजा मिली है। ”  रीना को अपनी गलती का एहसास हो गया। उसने कहा,” अब मैं कभी चोरी नहीं करूंगी।  एक अच्छी बच्ची बनूंगी और मैं कभी लालच भी नहीं करूंगी। ”

 

 

 

उसके बाद दांतों की परी खुश हुई।  उसने रीना के दांत लौटा दिए और  दोनों को लेकर आसमान में गई। दोनों बहनों ने खूब मस्ती की और उसके बाद दाँतों  की परी उन्हें उनके कमरे में छोड़ दिया और वह चली गयी।  उसके बाद दोनों बहने सो गयीं।

2- दांतों की परी बताइए – एक राज्य में में एक लड़का रहता था। वह बहुत ही गरीब था। उसके घर पर उसके अलावा और कोई भी नहीं था। वह बिल्कुल अकेला था।  किसी तरह से मजदूरी करके वह अपना घर चलाता था और वह  नेकदिल और ईमानदार भी  था।

 

 

 

एक दिन की बात है।  सर्दियों का मौसम शुरू हो गया था और बर्फ गिर रही थी। उस लडके को कई दिनों से काम नहीं मिला था और वह कई दिनों से भूखा था।

 

 

 

बर्फ़बारी  के बीच वह काम ढूढने  के लिए निकला।  उसने सोचा कि कि बर्फबारी के कारण मजदूर बहुत ही कम आएंगे और ऐसे में उसे काम जरूर मिलेगा, जिससे वह कुछ भोजन खरीद सकेगा।

 

 

 

 

अभी कुछ दूर ही चला था कि उसे एक पक्षी नजर आया। वह सड़क किनारे गिरा हुआ था और उड़ नहीं पा रहा था।  उसने सोचा चलो अच्छा हुआ आज इसी पक्षी को पकाया जाएगा और भूख शांत की जाएगी।

 

 

 

जब वह  नजदीक गया तो उसने देखा कि वह एक सारस था सफेद और बेहद सुन्दर।  लडके ने  देखा कि उसके पंख में चोट लगी हुई थी। उस लड़के को दया आ गई।

 

 

 

वह उसे अपने घर लाया और जंगल की जड़ी बूटियों से बनाया हुआ मरहम लगाया।  कुछ ही मिनटों में वह सारस  ठीक हो गया और वहां से उड़ गया।

 

 

 

उसके बाद वह लड़का काम की तलाश में बाहर गया लेकिन उसे कुछ काम नहीं मिला। भूख से तड़पता हुआ परेशान लड़का घर लौटा  और पानी पीकर सो गया।

 

 

रात के ३ बजे  उसके दरवाजे पर एक आवाज सुनाई दी।  कोई उसके दरवाजे को पीट रहा था  और खोलने के लिए कह रहा था। उस लड़के ने सोचा इतनी रात को इतनी ठंडी में कौन हो सकता है?

 

 

 

वह दरवाजे के करीब गया और  पूछा, ” कौन है ? ” दरवाजे के बाहर से  कोई आवाज नहीं आई। तब उसने दरवाजे के होल  से देखा तो  एक लड़की नजर आई।

 

 

 

उसने दरवाजा खोला और पूछा, ” क्या काम है ? ‘ लड़की ठंड से कांप रही थी और उसके बगल में एक छोटा थैला रखा हुआ था।  वह  कुछ जवाब देने की हालत में नहीं थी।

 

 

 

 

लड़का और कुछ समझ पाता तब तक वह बेहोश हो गई। वह लड़का उस लड़की को  अपने बिस्तर पर सुला दिया और कंबल भी डाल  दिया। उसने उसका थैला बगल में रखा और खुद नीचे सो गया।

 

 

 

सुबह हुई तो उसने देखा कि वह लड़की उसके बगल में बैठी हुई थी।  उस लड़के ने उससे पूछा, ” क्या हाल है ?  रात को और अधिक ठंडी तो नहीं लगी ना तुम्हे ? ” उस लड़की ने कहा, ” नहीं,  मदद के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। ”

 

 

 

उस लड़के ने पूछा, ” आप कहां रहती हैं और यहां कहा जा रही थी? ‘ तब उस लड़की ने कहा, ” मैं यहां से दूर एक गांव में रहती थी और मेरे माता-पिता ठंड की वजह से मर गए।  मेरा कोई नहीं है नहीं है। बिल्कुल अकेली हूँ। क्या आप मुझे ठंड के मौसम तक यहां रहने दे सकते हैं ? ”

 

 

 

तब उस लड़के ने कहा, ” मैं भी अकेला हूं।  मेरा भी कोई नहीं है।  तुम यहाँ रह सकती हो लेकिन एक दिक्कत है। मेरे पास इस समय खाने के लिए कुछ नहीं है।  ”

 

 

 

तब उस लड़की ने कहा इसकी चिंता की कोई बात नहीं है।  उस थैले में चावल और दाल है।  तुम उसे पकाओ।   उस लड़के ने चावल और दाल पकाई और दोनों ने मिलकर खाया।

 

 

दांतों की परी दिखाओ

 

 

धीरे-धीरे ठंडी का मौसम गुजर गया और चावल और दाल भी ….. उस लड़के ने हिम्मत करके उस लड़की से कहा, ” बुरा ना मानो तो मैं आपसे एक बात कहूं… मुझे आपसे प्रेम हो गया है।  क्या आप मुझसे शादी करेंगी ? लेकिन आप चाहो तो।  ”

 

 

 

उस पर  उस लड़की ने कहा, ” मुझे भी आपसे प्रेम हो गया है।  मैं यह बात आपसे कह नहीं पा रही  थी।  ” उसके बाद उन्होंने शादी कर ली और उनकी पत्नी के रूप में रहने लगे।

 

 

 

उस लड़के ने फिर से अपना काम शुरू किया लेकिन उसे अधिक मजदूरी नहीं मिल पाती थी।  एक दिन इससे वह बहुत निराश था। उसकी पत्नी अर्थात उस लड़की ने कहा, ” मुझे बाजार से कुछ कपड़े लाकर  दो।  मैं उस कपड़े का ऐसा पोशाक बनाऊंगी जिससे तुम्हें बाजार में बहुत अच्छी कीमत मिलेगी। ”

 

 

 

 

उस लड़के ने किसी तरह से कुछ पैसे का जुगाड़ और कुछ कपड़े लेकर आया।  उसके बाद उस लड़की ने कहा, ” मुझे इस कपड़े को बनाने के लिए एकांत की आवश्यकता होगी।  तीन  दिनों तक मैं तुमसे नहीं मिलूंगी और खुद को कमरे में बंद कर लूंगी।  ”

 

 

 

 

लड़का बहुत ही आश्चर्य में पड़ गया।  तब उस लड़की ने कहा, “क्या तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं है ? ” उस लड़के ने कहा, ” मुझे तुम पर पूरा विश्वास है।  तुम तीन दिनों के लिए खुद को कमरेमें बंद कर सकती हो।  ”

 

 

 

तीन दिन गुजरे और उस लड़की ने बहुत ही सुंदर पोशाक बनाई। जब वह लड़का उसे  बेचने के लिए लेकर गया तो उसे उस पोशाक की  बहुत भारी कीमत मिली।

 

 

 

उस पोशाक पर चिड़ियों के पंख की आकृति बनी हुई थी।  वह  बहुत ही सुंदर दिख रहा था।  उसके पास बाद  लड़के  ने और भी कपड़े  लाये।  समय-समय पर लड़की तीन  दिन के लिए कमरे में जाती और पोशाक बनाती है और लड़का उसे बेच  देता,  साथ ही वह मजदूरी भी करता था।

 

 

दांतों की परी परी

 

 

धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी होने लगी।  एक  दिन की बात है वह लड़की कमरे में कपड़ा बना रही थी  और उसी समय लड़के  का एक पुराना मित्र वहां पर आया।

 

 

 

लडके ने उसका स्वागत किया।  चाय – पानी के बाद दोनों बातों में मशगूल  हो गए।  तभी लडके ने अपने दोस्त से कहा, ” अभी मेरी पत्नी कुछ कपड़े बनाने के लिए व्यस्त है और तीन  दिन बाद ही निकलेगी नहीं तो मैं तुम्हें उससे तुम्हें मिलाता और इससे मुझे बहुत खुशी होती।  ”

 

 

 

दांतों की परी कार्टून वीडियो

 

 

 

इसपर दोस्त ने बड़े ही आश्चर्य में कहा, ” क्या बात कर रहे हों ? वह तीन दिन तक खुद को कमरे में बंद कर लेती है और तुम देखने भी जाते हो ? कैसे पति हो तुम ? ”

 

 

 

 

यह कहकर  मित्र तो चला गया लेकिन लड़के  के दिमाग में यह बात खटक गई।  वह धीरे से कमरे केदरवाजे को खोला चूँकि अब लड़की को पूरा विश्वास हो गया था कि लड़का कमरे में नहीं आएगा इसलिए उसने दरवाजा बंद नहीं किया था और  जैसे ही लड़का कमरे में दाखिल हुआ उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।

 

 

 

 

उसने देखा यह तो वही सारस  हैजो उस दिन घायल सड़क किनारे मिला था।   वह अपने पंखों को तोड़कर उस कपड़े में लगा रहा था।  सारस उसे देखते ही चौंका  और बोला, ” तुमने अपना वादा तोड़ा है। अब मैं जा रही हूं। अब मैं दोबारा कभी नहीं आऊंगी।  ” लड़के  को अपनी गलती का एहसास हो चुका था।  वह  उसे तो बहुत रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं रुका और चला गया।

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