काली परी की कहानी सुनाओ
काली परी की कहानी परी लोक में एक परी रहती थी। वह बहुत ही नटखट थी। उसकी इन हरकतों से परेशान होकर रानीपरी ने उसे श्राप दे दिया और उसकी सुंदरता को उठाकर जमीन पर फेंक दिया।
इससे वह परी कालीपरी हो गई। उसने रानी परी से बहुत विनती की और कहा कि वह कभी भी मस्ती नहीं करेगी। कृपया उसकी सुंदरता उसे वापस दे दिया जाए।
कालीपरी के इस तरह से विनती करने पर रानीपरी का गुस्सा शांत हुआ। उन्होंने कहा ठीक है इसके लिए तुम्हें धरती लोक पर जाना होगा। मैं अपनी शक्ति से तुम्हें एक मानव बनाती हूँ और उसके बाद तुम धरती लोक पर जाओ।
वहां तुम्हें कुछ कार्य सिद्ध करने हैं और यह नियत का खेल है। मैं तुम्हे एक अंगूठी देती हूं जिससे जैसे ही तुम्हारी सुंदरता तुम्हारे करीब आएगी , यह अंगूठी चमक उठेगी।
इससे तुम जान पाओगी कि तुम्हारी सुंदरता किसके पास है। और यह गोली लो। जब भी तुम्हें भूख लगेगी तुम इसे खा लेना। इससे तुम्हारी भूख ख़त्म हो जायेगी।
जब तुम अपनी सुंदरता ढूंढ लोगी तब मैं तुम्हारी मदद के लिए वहां पर जरूर आऊंगी। उसके बाद कालीपरी धरती लोक पर आ गयी। वह दिन रात अपनी सुंदरता को ढूढ़ने लगी।
सुन्दरता ढूढ़ने के लिए वह एक गांव से दूसरे गाँव और एक शहर से दूसरे शहर चलने लगी। लेकिन उसे कहीं पर नहीं मिली। वह बहुत निराश हुई।
लेकिन उसने मन में सोचा अगर यह नियति का खेल है तो मुझे मेरी सुंदरता जरूर मिलेगी। एक दिन की बात है जब वह एक गांव में पहुंची तो कोलाहल मचा हुआ था।
Pari Story in Hindi
सब लोग इधर-उधर भाग रहे थे। उसने एक महिला पूछा यहां क्या हुआ है? क्यों सब लोग इधर-उधर भाग रहे हैं ? तब उस महिला ने कहा, “यहाँ एक राक्षसी आती है और वह लोगों को खा जाती है। उसी के डर से सब लोग हैं भाग रहे हैं ”
जब महिला बोल रही थी उसी समय काली परी की अंगूठी चमक गई। तब काली परी को पता चल गया कि उसकी सुंदरता इसी महिला के पास है। उसने उस महिला से कहा किसी को भी उस राक्षसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। मैं उसे मार भगाउंगी।
उस महिला को बड़ा आश्चर्य हुआ। तब तक वह राक्षसी आ गई। परी ने उसे रोक लिया और दोनों के बीच भीषण लड़ाई होने लगी। अंत में कालीपरी ने राक्षसी को मारा भगाया।
सभी लोग काली परी की जय जयकार करने लगे। उस महिला ने पूछा आखिर आप कौन है और आपके पास इतनी शक्तियां कैसे हैं ? तब काली परी ने कहा मैं एक परी हूं। मैं अपनी सुंदरता लेने के लिए धरती लोक पर आई हूं जो कि तुम्हारे पास है।
वह महिला थोड़ी चौकी और उसने कहा ऐसा कैसे हो सकता है ? तब काली परी पूरी घटना विस्तार से बता दी कि किस तरह से रानी परी ने उसे श्राप दिया और इसलिए उसे धरती लोक पर आना पड़ा।
उसके बाद उस महिला ने कहा, ” हां यह सत्य है। इसके पहले मैं बहुत ही कुरूप थी और इस वजह से सभी लोग मुझे चिढाते थे और मेरा पति भी मुझसे दूर ही रहता था। लेकिन अगर आप मेरी सुंदरता वापस ले लोगी तो सब लोग फिर से मेरे साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे। ”
तभी एक चमत्कार हुआ। वह महिला लालपरी के रूप में बदल गयी और वहाँ रानी परी भी आ गयी। रानी परी ने कहा, ” यह सब तुम्हारी परीक्षा के लिए किया गया था। हम यह देखना चाहते थे कि तुम अपने स्वार्थ के लिए इस सुन्दरता को लेती हो या नहीं। तुमने इसे नहीं लेकर परीक्षा पास कर ली। अब तुम्हे तुम्हारी सुन्दरता भी मिल जायेगी और तुम्हे परीलोक में महत्वपूर्ण पद भी दिया जाएगा।
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उसके बाद रानीपरी ने छड़ी घुमाई और कालीपरी फिर से खुबसूरत हो गयी और सभी लोग परीलोक लौट गए और वहाँ कालीपरी का सम्मान किया गया।
2- परीलोक में एक परी रहती थी। वह बहुत नटखट थी। दूसरी परियों ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। इससे रुष्ट होकर सभी परियों ने उसकी शिकायत रानी परी से कर दी।
रानीपरी इससे बहुत क्रोधित हुई। उसने परी की सुन्दरता वापस ले ली। इससे वह काली हो गयी और उसका नाम कालीपरी हो गया। वह बहुत दुखी हुई।
उसने रानीपरी से क्षमा मांगी। उसने कहा, ” मैं अब ऐसी हरकत कभी नहीं करुँगी। कृपया मेरी सुन्दरता वापस लौटा दीजिये। ” तब रानीपरी का दिल पसीज गया।
रानीपरी ने कहा ठीक है, लेकिन इसाके लिए तुम्हे पृथ्वीलोक पर जाना होगा और बच्चों की मदद करनी होगी तब तुम्हारी सुन्दरता तुम्हें मिल जायेगी।
इसपर कालीपरी तैयार हो गयी और वह धरती लोक पर आई। परी ने एक विद्यालय में देखा कि वहाँ कुछ बच्चे स्वस्थ हैं तो कुछ कमजोर हैं। कोई फुर्तीला है तो कोई आलसी।
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परी बड़े ही असमंजस में पड़ गयी। उसने तय किया कि वह बच्चों का निरिक्षण और भी नजदीक से करेगी। वह सभी स्कूलों का नजदीक से निरिक्षण करने लगी।
उसने देखा सभी बच्चे किसी ना किसी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या से जूझ रहे थे। किसी बच्चे के दाँतों में सड़न थी तो किसी की आँखों में चश्में लगे हुए थे।
कुछ बच्चे हीमोग्लोबिन कमी से परेशान थे तो कई कैल्शियम की कमी से परेशान थे और उनके दांत कमजोर थे। कुछ अधिक मोटे थे तो कुछ बहुत कमजोर थे।
इससे परी बहुत उदास हुई। परी ने इन सभी समस्यायों के मूल कारण को ढूंढने का फैसला किया। जैसे ही मध्यान्ह भोजन की घंटी बजी परी अदृश्य होकर दरवाजे के पीछे छिप गयी।
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उसने देखा कि बच्चे टिफिन में चॉकलेट, केक, ब्रॅडजेम, सैंडविच, मैगी, चाउमीन, बर्गर, समोसे, पिज़्ज़ा, बिस्कुट आदि खाने की चीजें लाये हुए थे। परी इससे बहुत चिंतित हुई।
क्योंकि बच्चे ऐसे न तो पोषक तत्वों से भरे भोजन ले रहे थे और न ही उसमें संतुलित मात्रा में प्रोटीन और विटामिन थे। उसके साथ ही इन खाद्य पदार्थों में रासायनिक रंग, कृत्रिम रासायनिक संरक्षक व चटपटे मसालों को मिलाया जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं।
परी ने तय किया कि वह बाच्चों की मदद करेगी और उनकी आदतों में सुधार लाएगी। परी ने जादुई छड़ी से खुद को एक शिक्षिका के रूप में बदल लिया और प्रिंसिपल से कहा कि वह बच्चों को पढ़ना चाहती है। प्रिंसिपल ने हाँ कह दिया।
उसके बाद उसने बच्चों को इन बुरी आदतों से होनी वाली बीमारियों और परेशानियों के बारे में बताना शुरू किया और साथ ही उसने बच्चों को टिफिन में रोटी – सब्जी, दाल, सलाद और फल लाने के लिए कहा।
धीरे – धीरे बच्चों की आदत में सुधार आ गया और बच्चे स्वस्थ हो गए। उनके स्वस्थ होते ही कालीपरी की सुन्दरता वापस मिल गयी और वह परीलोक वापस चली गयी, लेकिन समय – समय पर वह बच्चों से मिलाने आती और उन्हें पौष्टिक भोजन करने की सलाह देती।
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